Showing posts with label भजन. Show all posts
Showing posts with label भजन. Show all posts

Sunday, 23 February 2020

कबीर वाणी २



कबीर वाणी २ 

कबीर के २० प्रेरक विचार 

प्रेरक वीडियो

Song: Kuch Lena Na Dena

Singer: Vijay Chauhan





















Monday, 5 December 2016

हे राम - श्रीराम धुन


हे राम - श्रीराम धुन 
कलाकार: जगजीत सिंह जी 

कीर्तन


कीर्तन - चंडीगढ़ दी कुड़ियाँ 

Sunday, 4 December 2016

शुकर दातिया


बाला मैं बैरागन होंगी


गीतकार : मीरा     
गायक : वाणी जयराम    
संगीतकार : पंडित रविशंकर     
चित्रपट : मीरा (१९७९

Wednesday, 30 November 2016

पायोजी मैंने राम रतन धन पायो




जो तुम तोड़ो पिया



गीतकार : मीरा   
गायक : वाणी जयराम  
संगीतकार : पंडित रविशंकर   
चित्रपट : मीरा (१९७९)

Sunday, 27 November 2016

हम को मन की शक्ति देना


गीतकार : गुलज़ार 
गायक : वाणी जयराम 
संगीतकार : वसंत देसाई
चित्रपट : गुड्डी (१९७१)

न मैं धन चाहूँ, न रतन चाहूँ


गीतकार : शैलेन्द्र 
गायक : गीता दत्त, सुधा मल्होत्रा 
संगीतकार : सचिन देव बर्मन 
चित्रपट : काला बाजार (१९६०)

Friday, 25 November 2016

मन तड़पत हरि दर्शन को आज



गीतकार : शकील बदायुनी
गायक : मोहम्मद रफी
संगीतकार : नौशाद 
चित्रपट : बैजू बावरा (१९५२)

साईं वे साढी फरियाद तेरे ताहि


कोई अली आखे कोई वली आखे, कोई कहे दाता सचे मालिका नु ।
मेनू समज न आवे की नाम देवा, एस गोल चकी दिया चालका नु ॥

रूह दा असल मालिक ओही मानिये जी, जिदा नाम लईए ता सरुर होवे ।
अखा खुलिया नू महबूब दिस्से, अखा बंद होवण ता हुजुर होवे ॥

कोई सौन वेले कोई नहान वेले, कोई गौण वेले तैनू याद करदा ।
एक नजर तू मेहर दी मार साईं, सरताज वी खड़ा फरयाद करदा ॥
टुटेजा संधू वी खड़ा फ़रेयाद करदा ॥

साईं वे साढी फरियाद तेरे ताहि, साईं वे बह्हो फ़ढ़ बेड़ा बन्ने लाई ।
साईं वे मेरेआं  गुनाहा नु लुकाई , साईं वे हाजरा हजूर वे तू आई ॥

साईं वे फेरा मस्कीना वाल पाई , साईं वे बोल काक सारा दे पुगई ।
साईं वे हक विच फैसले सुनाई , साईं वे हौली - हौली खामिया घटाई ।
साईं वे मेनू मेरे अन्द्रो मुकाई, साईं जे डीगिये ता फर के उठाई ।
साईं वे देखि ना भरोसे आजमाई, साईं वे औखे -सौखे रहा चो काढायीं ।
ओ साईं, कला नु वी होर चमकाई, वे सूरा  नु बिठा दे थो - थाई ।

साईं वे ताल विच तुरना सिखाई , साईं वे साज रूस गए ता मनाई ।
साईं वे ऐहना नाल आवाज़ वे रालायी , साईं वे अखरा दा मेल तू  कराइ ।
साईं वे कन्नी किसे गीत दी फडाई, साईं वे शब्दा दा साथ वी निभाई ।
साईं वे नगमे नू फड़ के जगाई , साईं वे शायरी च असर वखायीं ।
साईं वे ज़ज्बे दी वाले नु वडाई , साईं वे गुट-गुट सब नु पेआयीं ।
साईं वे इश्कुए दा नशा वी चाडायीं, साईं वे सैर तू ख्यालां नू कराई ।
साईं वे  तारेआं दे देश ली के जावीं , साईं वे फुफिया दे वांगरा नचाई ।
साईं वे असी सज बैठे चाईं-चाईं , साईं वे थोड़ी बौती अदा वी सिखाई ।
साईं वे मेरे  नाल- नाल  तू वे गायीं ।
साईं वे साईं  लाज सरताज दी बचाई, साईं वे भुलेये नू  ऊँगली फराई ।
साईं वे अग्गे हो के राह रोषनयी ,साईं वे नेहरा विच पल्ले ना छुडायीं ।
साईं वे जिंदगी दे भोज नु चुकाई , साईं वे फिखारा नु हवा च उढाई ।
साईं वे सारे लगे दाग वी धोअई , साईं वे सिले-सिले नैना नु सुखाई ।
साईं वे दिला दे गुलाब महकाई, साईं वे बस पट्टी  प्यार दी पढ़ाईं ।
साईं वे पाक साफ़ रहा नु मलाई , साईं वे बच्चेआ दे वंगु समझाईं ।
साईं वे माड़े कामो घूर के हटाई , साईं वे खोटेया नु खरे च मिलाई ।
साईं वे लोहे नाल पारस कसाई, साईं वे मेहेंता दे मूल वे पवाई ।

ओ साईं वे मारेया दी मंदी न विखाई, साईं वे देखि हून देर न लगाई ।
साईं वे दारां ते खरे हा खैर पाई, साईं वे महरा वाले मीह वि वरसाई ।
साईं वे अकला दे घड़े नु पराई , साईं वे घुम्बद गरूर दे गिराई ।
साईं वे आग वंगु  हौसले  पखाई , साईं वे अम्बरा तोह सोच  मंगवाई ।
साईं वे अपे वाज़ मार के बुलाई , साईं वे हुन सानु  कोल वे बिठाई ।
साईं वे अपने ही रंग च रंगाई , साईं वे मैं हर वेहले करां साईं साईं ।

साईं वे तोते वांगु बोल वी रटाई , साईं वे आत्मा दा दीवा वी जगाई ।
साईं वे अनहद नाद तू वजाई , साईं वे रूहानी कोई तार छेड़ जाईं ।
साईं वे सच्ची(honest) सरताज वी बनाई ।
साईं वे सच्ची टुटेजा वी बनाई ।
साईं साईं साईं ॥

Thursday, 24 November 2016

ऐ री मैं तो प्रेम दीवानी


गीतकार : मीरा     
गायक : वाणी जयराम    
संगीतकार : पंडित रविशंकर     
चित्रपट : मीरा (१९७९)

प्यारे दर्शन दीजो आज


Tuesday, 22 November 2016

तू प्यार का सागर है


फिल्म               सीमा
गीतकार             शैलेन्द्र
संगीतकार           शंकर जयकिशन
गायक                मन्ना डे

तू प्यार का सागर है
तेरी इक बूँद के प्यासे हम
लौटा जो दिया तुमने
चले जायेंगे जहां से हम
तू प्यार का सागर है
घायल मन का पागल पंछी
उड़ने को बेक़रार
पंख हैं कोमल आँख है धुँधली
जाना है सागर पार
अब तू ही इसे समझा
राह भूले थे कहाँ से हम
तू प्यार का सागर है

इधर झूम के गाये ज़िंदगी
उधर है मौत खड़ी
कोई क्या जाने कहाँ है सीमा
उलझन आन पड़ी
कानों में ज़रा कह दे
कि आएँ कौन दिशा से हम
तू प्यार का सागर है

ज्योत से ज्योत जलाते चलो


फिल्म:               संत ज्ञानेश्वर (1964)
संगीतकार :          लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीतकार :            भारत व्यास 
गायक :              मुकेश एवं लता मंगेशकर

ज्योत से ज्योत जलाते चलो
प्रेम की गंगा बहाते चलो
राह में आये जो दीन दुखी
सब को गले से लगते चलो

जिसका ना कोई संगी साथी
इश्वर है रखवाला
जो निर्धन है जो निर्बल है
वो है प्रभु का प्यारा
प्यार के मोती लूटते चलो
ज्योत से...

आशा टूटी, ममता रूठी
छूट गया है किनारा
बंद करो मत द्वार दया का
दे दे कुछ तो सहारा
दीप दया का जलाते चलो
ज्योत से...

छाया है चारों और अँधेरा
भटक गयी है दिशाएं
मानव बन बैठा दानव
किसको व्यथा सुनाएँ
धरती को स्वर्ग बनाते चलो
ज्योत से...

कौन है ऊँचा कौन है नीचा
सब में वो ही समाया
भेद-भाव के झूठे भरम में
ये मानव भरमाया
धरम ध्वजा फहराते चलो
प्रेम की गंगा...

सारे जगत के कण-कण में है
दिव्य अमरएक आत्मा
एक ब्रह्मा है ek सत्य है
एक ही है परमात्मा
प्राणों से प्राण मिलाते चलो
प्रेम की गंगा ...

Mudita - An Alternative to Envy

Mudita When we are scrolling through Facebook or Instagram we often feel envy looking at other people’s success or golden mome...